बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर: “अपनों को बचाना नफरत नहीं”, आलोचकों पर किया पलटवार

गोवर्धन में ब्रज यात्रा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर बयान देते हुए।

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने हाल ही में गोवर्धन में अपनी ब्रज यात्रा के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों और अत्याचारों को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने पिछले 25 दिनों में कथित तौर पर आठ हिंदुओं की हत्या के मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए न सिर्फ हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि उन आलोचकों को भी करारा जवाब दिया जो उन्हें ‘नफरत फैलाने वाला’ करार देते हैं।

गोवर्धन में दिए गए अपने बयान में, प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने अपने विरोधियों पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर वह अपने धर्म, मंदिरों और सनातन समाज की बात करते हैं, तो उन्हें नफरती कहना गलत है।

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा, “आप लोग मुझे नफरत का चंदन देवकीनंदन कहते हैं। अगर तिलक की बात करना, अपने बच्चों और मंदिरों को बचाने की गुहार लगाना नफरत है, तो हाँ, हम नफरत फैला रहे हैं।” उन्होंने उन लोगों पर सवाल उठाया जो हिंदुओं को जिंदा जला रहे हैं, गोलियां मार रहे हैं और लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं—क्या ये लोग ‘शांति का संदेश’ दे रहे हैं?

देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने उन लोगों की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए जो दूसरों को उपदेश देते हैं, लेकिन बांग्लादेश में सनातनियों की लगातार हत्याओं पर खामोश रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब मंदिरों में आग लगाई जा रही है और लड़कियों को घरों से उठाया जा रहा है, तब भी दुनिया मौन है।

उन्होंने स्पष्ट मांग की कि इन हत्यारों के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर बांग्लादेश में एक भी हिंदू मारा जाए, तो वहाँ सैनिक कार्रवाई होनी चाहिए। प्रत्येक हिंदू की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।”

महाराज ने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा, “मेरा दर्द अपनों के लिए है। मेरी पहली प्राथमिकता मेरा सनातनी भाई, मेरा हिंदू और मेरा सनातन राष्ट्र है। अपनों को बचाना नफरत नहीं हो सकती।”

देवकीनंदन ठाकुर महाराज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह सनातन धर्म और हिंदुओं की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे, भले ही उन्हें आलोचना का सामना करना पड़े।

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