गाजीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज दो बड़े मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MNREGA) योजना का कथित नाम बदलने की कोशिश और हाल ही में वाराणसी में कांग्रेस नेताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कड़ी निंदा की है।
कांग्रेस पिछले कुछ समय से मनरेगा योजना के नाम में किए जा रहे बदलावों का लगातार विरोध कर रही है। इसी क्रम में, आज गाजीपुर में कांग्रेसियों ने एकजुट होकर डीएम ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर जन-कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा वाराणसी पुलिस की कार्रवाई पर ज्यादा फूटा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में प्रदर्शन हो रहा था, जिस दौरान पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया था। गाजीपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई को ‘तानाशाही और दमनकारी’ बताया।
पार्टी नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि यह दमनकारी रणनीति वर्तमान सरकार के इशारे पर अपनाई जा रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है।
विरोध प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के नाम बदलने के खिलाफ और अपने कार्यकर्ताओं पर हो रहे दमन के विरोध में अपना संघर्ष जारी रखेगी।








