मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के नतीजे पूरी तरह साफ हो चुके हैं, जिसने करीब ढाई दशक से ठाकरे परिवार के गढ़ मानी जाने वाली देश की सबसे धनी महानगरपालिका की सत्ता की तस्वीर बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जो मुंबई की सियासत में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव दर्शाता है।
227 वार्डों वाली बीएमसी में अब नई सरकार बनने जा रही है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर कुल 118 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि बहुमत के लिए 114 सीटों पर जीत जरूरी थी। यह परिणाम पिछले 25 वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक प्रभुत्व को समाप्त करने वाला साबित हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जहां 2017 के चुनाव में बीजेपी 82 सीटों पर सिमट गई थी, वहीं इस बार पार्टी ने 89 वार्डों में जीत दर्ज कर अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीजेपी के विजयी उम्मीदवारों को कुल 11,79,273 वोट मिले, जो कुल मतदान का 21.58 प्रतिशत है।
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बड़ा झटका लगा है और वह दूसरे नंबर पर रही। वहीं, कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। कांग्रेस सिर्फ 24 सीटों तक ही सिमट गई। बीएमसी के सभी 227 वार्डों के नतीजे घोषित होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि अब मुंबई में बीजेपी और शिंदे सेना का गठबंधन सत्ता संभालेगा।
यह जीत न केवल मुंबई के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की संपूर्ण राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है, जिसने आने वाले चुनावों के लिए भी नए समीकरणों की नींव रख दी है।








