मथुरा में अवैध डग्गेमार बसों का जाल लगातार सरकारी खजाने को चोट पहुंचा रहा है। हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां ये प्राइवेट बसें खुलेआम रोडवेज की सरकारी बसों के रंग और डिजाइन की नकल कर यात्रियों को धोखा दे रही हैं और सरकार को लाखों का चूना लगा रही हैं। इस गंभीर मामले को लेकर रोडवेज कर्मचारी संघ का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने आरटीओ विभाग तथा स्थानीय पुलिस पर साठगांठ के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
मथुरा में डग्गेमार बसों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि वे बेखौफ होकर रोडवेज की बसों का कलर चोरी करके उन्हें चला रहे हैं। इन अवैध बसों के संचालक सरकारी बसों जैसा ही लुक बनाकर आम यात्रियों को भ्रमित करते हैं। इसी के विरोध में भूतेश्वर बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि बस स्टैंड के ठीक सामने मॉल गोदाम रोड पर भी ये अवैध बसें धड़ल्ले से चल रही हैं।
रोडवेज कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष, श्यामवीर सिंह, ने बताया कि इन डग्गेमार बसों की वजह से सरकारी रोडवेज को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन बसों के कारण विभाग को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि यात्रियों को सरकारी और प्राइवेट बस में अंतर पता ही नहीं चलता।
अध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने साफ आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे में आरटीओ विभाग और स्थानीय पुलिस की खुली मिलीभगत है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कथित तौर पर इन डग्गेमार बसों से ‘महीनेदारी’ (मासिक उगाही) ले रही है, जिसके कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरटीओ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अवैध बसों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
श्यामवीर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है और अवैध बसों का संचालन बंद नहीं कराया जाता है, तो रोडवेज कर्मचारी संघ बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। फिलहाल, यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन अपने ही विभागों पर लगे इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है।









