उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में इन दिनों धर्म और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। हाल ही में, भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि को मुक्त कराने के संकल्प के साथ एक भव्य ‘नारायण महायज्ञ’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश भर से आए सैकड़ों संत-महात्माओं और सनातनी श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से विवाद के शीघ्र समाधान की मांग की।
माघ मेला क्षेत्र में सनातन धर्म संघ के पंडाल में यह भव्य महायज्ञ संपन्न हुआ। इसकी अध्यक्षता विष्णु स्वामी जगतगुरु संतोष दास सतुआ बाबा ने की। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से भगवान श्री नारायण की विशेष आराधना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया और धर्म व संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया।
महायज्ञ के उपरांत एक विराट संकल्प सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित जनमानस ने सामूहिक रूप से भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि को शीघ्र मुक्त कराने का संकल्प लिया।
जगतगुरु संतोष दास सतुआ बाबा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “जिस प्रकार भगवान श्री राम की जन्मभूमि लंबे संघर्ष के बाद मुक्त हुई, उसी प्रकार भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि भी जल्द मुक्त होनी चाहिए। सनातनी समाज अब किसी भी प्रकार की देरी नहीं चाहता और अपने अधिकार के लिए संगठित होकर आगे बढ़ रहा है।”
श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने न्यायिक संघर्ष पर बात की। उन्होंने कहा कि मुगल आक्रांताओं द्वारा तलवार के बल पर इस्लामी ढांचे का निर्माण किया गया था, जो ऐतिहासिक रूप से गलत है। दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रयागराज हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक लड़ाई लड़ी जा रही है और उन्हें न्यायालय से सकारात्मक निर्णय आने का पूरा विश्वास है।
इस अवसर पर पवन दास जी महाराज और सच्चिदानंद जी महाराज सहित कई संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उपस्थित सनातनी हिंदुओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए धार्मिक और कानूनी लड़ाई पूरी शक्ति के साथ जारी रहेगी।









