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मोतिहारी में इतिहास! स्थापित हुआ विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग (33 फीट ऊंचा ‘सहस्त्रलिंगम’)

मोतिहारी में इतिहास! स्थापित हुआ विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग

बिहार का मोतिहारी इन दिनों पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में यहां विराट रामायण मंदिर परिसर में एक भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधिवत स्थापना की गई है। लगभग 33 फीट ऊंचा और 200 टन वजनी यह शिवलिंग भारतीय शैव परंपरा और अद्भुत शिल्प कला का प्रतीक है।

यह विशाल शिवलिंग मोतिहारी स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर की शोभा बढ़ा रहा है। इसकी ऊंचाई करीब 33 फीट है और वजन लगभग 200 टन है। इस ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के दौरान भक्तों, संतों और धार्मिक विद्वानों में अद्वितीय आस्था और उत्साह देखा गया। इसकी स्थापना वैदिक मंत्रोच्चारण, यज्ञ और हवन के बीच पूरे विधि-विधान के साथ की गई। इस पावन अवसर को दिव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से विशेष पुष्प वर्षा भी की गई थी, जिसमें कंबोडिया और कोलकाता से लाए गए फूलों का इस्तेमाल किया गया।

इस शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी नक्काशी है। इसे एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है, और इस मुख्य शिवलिंग पर 1008 छोटे शिवलिंगों की नक्काशी की गई है, जिसके चलते इसे ‘सहस्त्रलिंगम’ कहा जाता है। अभिषेक के लिए देश के विभिन्न पवित्र संगमों और धार्मिक स्थलों से जल लाया गया था, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। शैव परंपरा में, सहस्त्रलिंगम को शिव के अनंत स्वरूप, समग्र सृष्टि और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इतने विशाल सहस्त्रलिंगम की स्थापना केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन शिल्पकला, शैव दर्शन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीता-जागता प्रमाण है। यह आयोजन मोतिहारी को वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाता है।

मोतिहारी का विराट रामायण मंदिर अब इस ऐतिहासिक ‘सहस्त्रलिंगम’ के कारण करोड़ों शिव भक्तों के लिए एक नया और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बन गया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी।