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माघ गुप्त नवरात्रि 2026: साधना, सिद्धि और शक्ति का महापर्व, जानिए पूजा विधि और धार्मिक महत्व

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 साधना, सिद्धि और शक्ति का महापर्व

हिंदू धर्म में देवी शक्ति की आराधना का विशेष महत्व है, जिसके लिए साल में चार बार नवरात्रि आती हैं। इनमें दो (चैत्र और शारदीय) धूमधाम से मनाई जाती हैं, जबकि बाकी दो को गुप्त नवरात्रि के रूप में पूजा जाता है। माघ मास की गुप्त नवरात्रि 2026 इस समय चल रही है, जो सच्चे साधकों के लिए साधना, श्रद्धा और आत्मिक शक्ति को बढ़ाने का सबसे खास समय है। आइए जानते हैं क्या है गुप्त नवरात्रि का महत्व और सरल पूजा विधि।

माघ गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा बाहरी दिखावे के बजाय मन की गहराई, साधना और श्रद्धा के साथ गुप्त रूप से की जाती है। यदि इन नौ दिनों में सच्चे मन से और गोपनीय तरीके से मां दुर्गा की उपासना की जाए, तो जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर हो सकती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुल जाता है। देवी शक्ति की आराधना के बिना किसी भी देवी-देवता की पूजा अधूरी मानी जाती है, इसीलिए गुप्त नवरात्रि का महत्व अत्यंत खास है।

देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इन दिनों व्रत और उपवास करने से शरीर को स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। उपवास के दौरान पाचन तंत्र को आराम मिलता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है। इस दौरान इन नौ स्वरूपों की आराधना करनी चाहिए:

* शैलपुत्री

* ब्रह्मचारिणी

* चंद्रघंटा

* कुष्मांडा

* स्कंदमाता

* कात्यायनी

* कालरात्रि

* महागौरी

* सिद्धिदात्री

गुप्त नवरात्रि में पूजा करने की सरल विधि:

गुप्त नवरात्रि की साधना सरल होने के साथ-साथ श्रद्धा से भरपूर होनी चाहिए। यहां नौ दिनों तक चलने वाली साधना के कुछ महत्वपूर्ण चरण दिए गए हैं, जिनका पालन कर आप मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:

शुद्धि:- पहले दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान और पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें।

दीपक:- मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक अवश्य जलाएं।

अर्पण:- मां को फूल, अक्षत (चावल) और रोली अर्पित करें।

मंत्र जाप:- मां दुर्गा के मंत्रों का जाप मन ही मन करते रहें। यह साधना की गोपनीयता बनाए रखने में मदद करता है।

पाठ:- इन पवित्र दिनों में ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है, जिससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

समापन:- अंत में मां की आरती करें और जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगकर उनका आशीर्वाद लें।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 का यह समय स्वयं को आंतरिक रूप से सशक्त बनाने और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। गुप्त साधना से आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है।

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