Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

वाराणसी फूल मंडी में ₹45 करोड़ की जमीन हुई ‘मुक्त’, अब 500 किसानों को मुफ्त मिलेगा आवंटन; बिचौलियों का खेल खत्म

मलदहिया फूल मंडी किसानों के लिए पूरी तरह मुफ्त मलदहिया-इंग्लिशिया

वाराणसी के किसानों और छोटे फूल विक्रेताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नगर निगम ने मलदहिया-इंग्लिशिया लाइन स्थित बेशकीमती किसान फूल मंडी की 11 हजार स्क्वायर फीट जमीन को पूरी तरह से कब्जा मुक्त करा लिया है। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार, इस भूमि की कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये आंकी गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब यहां किसानों को स्थान का आवंटन पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा, जिससे वर्षों से चल रहा बिचौलियों का शोषण हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।

यह जमीन मूल रूप से रक्षा संपदा विभाग के स्वामित्व में थी और नगर निगम इसके प्रबंधन का दायित्व संभाल रहा था। लंबे समय से कुछ ठेकेदार और बिचौलिए इस सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा जमाए हुए थे और किसानों से मनमानी जबरन वसूली कर रहे थे। नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए इस पूरे क्षेत्र को कब्जा मुक्त कराया है। इस निर्णायक कदम से करीब 500 किसानों और छोटे फूल व्यापारियों को शोषण मुक्त और सुरक्षित व्यापारिक स्थान सुनिश्चित हुआ है।

इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त वाराणसी हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह कार्रवाई केवल किसानों के हित में ही नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, “नगर निगम किसानों और फूल विक्रेताओं को निशुल्क आवंटन की सुविधा देने जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि बाबा के धाम में फूल बेचने वाले किसी भी गरीब किसान का एक भी रुपया शोषण में न जाए। किसान सीधे नगर निगम से अनुबंध करें और बिना किसी भय के अपना कारोबार करें।”

नई व्यवस्था के तहत, किसानों और फूल विक्रेताओं को स्थान के लिए अब सीधे नगर निगम से अनुबंध करना होगा। अनुबंध के बाद उन्हें वैधानिक मान्यता मिलेगी और अवैध वसूली से छुटकारा मिलेगा। आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम के नायब तहसीलदार स्वयं फूल विक्रेताओं और किसानों से संपर्क कर रहे हैं और उनका सत्यापन कर उन्हें स्थान आवंटित किया जा रहा है। नगर निगम ने कड़ी चेतावनी भी दी है कि भविष्य में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने या किसानों को डराने की कोशिश करने वाले के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम की इस पहल से वर्षों से शोषण झेल रहे किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटी है और यह कार्रवाई फूल मंडी की व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी, कानूनी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी मिसाल पेश कर रही है।

संबंधित खबरें