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वृंदावन में गूंजा ‘जय श्रीराम’, सुदामा कुटी शताब्दी महोत्सव में शामिल हुए बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वृंदावन में सुदामा कुटी के शताब्दी महोत्सव के दौरान संतों से मिलते हुए।

धर्मनगरी वृंदावन में स्थित सुदामा कुटी का शताब्दी महोत्सव इन दिनों आध्यात्मिकता के केंद्र में है। हाल ही में इस विशेष आयोजन में एक अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। उनके आगमन से न केवल कुंभ मेला क्षेत्र बल्कि पूरे वृंदावन में श्रद्धा और उत्साह का माहौल छा गया।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आज वृंदावन पहुंचकर सुदामा कुटी के भव्य शताब्दी महोत्सव में शिरकत की। महोत्सव स्थल पर पहुंचते ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतों, धर्माचार्यों और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सुदामा कुटी के प्रमुख संतों और वरिष्ठ धर्माचार्यों से भेंट की, उनका अभिवादन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सुदामा कुटी द्वारा पिछले सौ वर्षों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के संरक्षण में कुटी के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा: “सुदामा कुटी का यह शताब्दी महोत्सव सनातन संस्कृति की जीवंत मिसाल है। ऐसे आयोजन समाज को आध्यात्मिक रूप से जागृत करने का कार्य करते हैं और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से मजबूती से जोड़ते हैं।”

यह शताब्दी महोत्सव अत्यंत भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जीवंत किया जा रहा है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आने की खबर मिलते ही उन्हें देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने आयोजन में विशेष ऊर्जा का संचार किया।

कुल मिलाकर, सुदामा कुटी का शताब्दी महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अविस्मरणीय संगम बना हुआ है, जो भक्ति भाव से भरे श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव साबित हो रहा है।

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