महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच AIMIM नेताओं की विवादित बयानबाजी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में तेलंगाना में AIMIM विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ओवैसी ने सार्वजनिक मंच से हिंदू समुदाय को धमकी भरे बयान दिए हैं और अपने कुख्यात ‘15 मिनट’ वाले बयान को दोहराया है, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
यह शिकायत अकबरुद्दीन ओवैसी द्वारा हाल ही में एक सार्वजनिक रैली के दौरान दिए गए भाषण के बाद दर्ज की गई। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे भड़काऊ बयान सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करने का काम करते हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बयानबाजी को लेकर बृज भूमि के साधु-संतों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता, दिनेश फलाहारी जी महाराज ने ओवैसी बंधुओं (अकबरुद्दीन और असदुद्दीन ओवैसी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ओवैसी बंधुओं की मानसिकता हमेशा हिंदू-मुस्लिम दंगा कराने की रही है और वे लगातार देश की शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। फलाहारी जी महाराज ने सरकार से मांग की है कि समाज में नफरत फैलाने वाले ऐसे नेताओं पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि एक कड़ा संदेश दिया जा सके।
साधु-संतों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी है। साध्वी दिव्या भारद्वाज, अनमोल दास जी महाराज और रामदास जी महाराज समेत अन्य प्रमुख संतों ने यह स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते नफरत फैलाने वालों पर एक्शन नहीं लिया गया तो यह जनआक्रोश और अधिक बढ़ सकता है।
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समाज में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले बयानों के खिलाफ सरकार और प्रशासन कितनी सख्ती से निपटेगा।









