Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान पर बढ़ा विवाद: दिनेश फलाहारी महाराज ने CM योगी को खून से लिखा पत्र

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य का अपमान विवाद, संत दिनेश फलाहारी महाराज खून से पत्र लिखते हुए

प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य जी के सम्मान को लेकर उठा विवाद अब और गहरा गया है। संत समाज का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। इसी क्रम में, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर शंकराचार्य जी को सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह घटनाक्रम हिंदू समाज में बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है।

दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस गंभीर मसले पर तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिंदुओं के गौरव हैं, जबकि शंकराचार्य जी हिंदू समाज के सर्वोच्च धर्मगुरु हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंकराचार्य जी के चरण स्पर्श करते हैं, ऐसे में उनके सम्मान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही सनातन समाज को आहत करने वाली है।

फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि माघ मेला के दौरान सामने आए वीडियो से यह स्पष्ट हो चुका है कि कुछ अधिकारियों द्वारा साधु-संतों का अपमान किया गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण का समाधान बताते हुए कहा कि यह विवाद केवल संबंधित अधिकारियों की सार्वजनिक माफी से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य जी को गंगा स्नान से रोकना सनातन परंपराओं के विरुद्ध है, जिससे हिंदू समाज में भारी नाराजगी फैल रही है और विपक्षी दल इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

पत्र में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए दिनेश शर्मा फलाहारी बाबा ने कहा, “योगी जी हिंदुओं के गौरव हैं और शंकराचार्य जी हमारे भगवान हैं। अधिकारियों से गलती हुई है, वे माफी मांग लें। शंकराचार्य जी को सम्मान के साथ गंगा स्नान कराया जाए, तभी सनातन समाज की पीड़ा शांत होगी।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो स्वयं एक विद्वान सनातनी महंत हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे तुरंत अधिकारियों को माफी मांगने का निर्देश दें और शंकराचार्य जी को सम्मान सहित गंगा स्नान कराकर इस महत्वपूर्ण धार्मिक विवाद को तत्काल समाप्त कराएं।

संत समाज की इस कड़ी प्रतिक्रिया के बाद, यह देखना बाकी है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस संवेदनशील मामले को किस तरह सुलझाते हैं और शंकराचार्य जी के सम्मान को लेकर उठे इस बड़े विवाद को कैसे शांत करते हैं।

संबंधित खबरें