आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने हाल ही में एक सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। थाना सिकंदरा क्षेत्र की एक ज्वेलरी फैक्ट्री से हुई लगभग 7 करोड़ 70 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि फैक्ट्री का ही एक भरोसेमंद कर्मचारी निकला, जिसे अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
यह मामला 19 जनवरी 2026 को सामने आया था, जब ज्वेलरी फैक्ट्री के मालिक ने पुलिस को मुख्य गेट और लॉकर टूटे होने की सूचना दी। लॉकर में रखी लाखों रुपये की नकदी और कीमती ज्वेलरी गायब थी। सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देश पर थाना सिकंदरा, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से महज कुछ ही दिनों में इस बड़ी चोरी का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने 22/23 जनवरी की रात घेराबंदी कर तीन आरोपियों, अनुपम शर्मा, अनुराग शर्मा और संजय सिंह उर्फ संजू को जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 7.70 करोड़ रुपये का माल बरामद किया है, जिसमें 66 लाख 33 हजार 980 रुपये नकद, डायमंड ज्वेलरी सहित पीली धातु और 5,500 किलोग्राम सफेद धातु शामिल है।
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी अनुपम शर्मा उसी फैक्ट्री में कर्मचारी था। उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और साथी संजय के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने फैक्ट्री बंद रहने और सुरक्षा कम होने का फायदा उठाकर रविवार के दिन दीवार के रास्ते फैक्ट्री में प्रवेश किया और कार्यालय का लॉकर तोड़ दिया। चोरी के बाद उन्होंने माल को छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।
इस सफल खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए, पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने कहा, “आगरा पुलिस ने एक संगठित चोरी की घटना का सफल अनावरण किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 7.70 करोड़ रुपये की नकदी और ज्वेलरी बरामद की गई है। आगरा पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, और अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंतरिक अपराध और कर्मचारी संलिप्तता के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में कोई अन्य सदस्य तो शामिल नहीं है।









