उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में, सोनभद्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मुख्य अभियुक्त भोला प्रसाद की अपराध से अर्जित लगभग ₹28.50 करोड़ की चल और अचल संपत्ति कुर्क कर दी है। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद यह बड़ी कार्रवाई वाराणसी में की गई है, जिसने संगठित ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण में सोनभद्र पुलिस लंबे समय से इस तस्करी नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इसी जांच के तहत, कफ सिरप तस्करी के मुख्य अभियुक्त भोला प्रसाद को विदेश पलायन के प्रयास के दौरान कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सोनभद्र में निरुद्ध है।
SIT द्वारा की गई गहन विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त भोला प्रसाद ने अवैध तस्करी के माध्यम से ₹28 करोड़ 50 लाख की संपत्ति अर्जित की थी। माननीय न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद कुर्की का आदेश दिया। जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश पर, क्षेत्राधिकारी नगर, सोनभद्र श्री रणधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में SIT सोनभद्र एवं सोनभद्र पुलिस द्वारा आज (23.01.2026) वाराणसी में इन संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की गई।
कुर्क की गई संपत्तियों का विवरण निम्नलिखित है, जो भोला प्रसाद और उसकी पत्नी शारदा जायसवाल के नाम पर थीं:
चल संपत्ति (वाहन):- एक अत्यंत लग्जरी Mercedes-Benz GLS-450D 4MATIC कार, जिसका क्रय मूल्य ₹1,37,25,000/- था और वर्तमान अनुमानित मूल्य ₹1 करोड़ 22 लाख से अधिक है।
बैंक खाते:- इंडियन बैंक की विभिन्न शाखाओं में फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट फ्रीज खातों में जमा लगभग ₹1 करोड़ 19 लाख की धनराशि भी जब्त की गई।
अचल संपत्ति (आवासीय भवन):- वाराणसी के जगतगंज, हबीबपुरा और भेलूपुर क्षेत्रों में कुल तीन आलीशान आवासीय भवनों को कुर्क किया गया। इसमें सबसे बड़ी संपत्ति भेलूपुर स्थित है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग ₹23 करोड़ है। ये सभी संपत्तियाँ अभियुक्त की पत्नी शारदा जायसवाल के नाम पर थीं।
अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध की गई यह कठोर कार्रवाई संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने में एक मील का पत्थर साबित हुई है। सोनभद्र पुलिस और SIT ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अपराधों और उनसे अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्यवाही जारी रहेगी।









