Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

भारत-EU FTA: क्यों ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहे जा रहे इस ऐतिहासिक समझौते पर टिकी है दुनिया की नज़र?

भारत-EU ऐतिहासिक व्यापार समझौता प्रधानमंत्री मोदी का बयान

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक बड़ा ऐतिहासिक व्यापार समझौता (FTA) अपने अंतिम चरण में है। 18 से 20 साल लंबी चली बातचीत के बाद अब यह डील औपचारिक घोषणा के लिए तैयार है। यह समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को मज़बूत करेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए भी गेम चेंजर साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच तैयार हो रहा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक ऐतिहासिक करार है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते से दोनों तरफ के व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (Global Supply Chains) को नई ताकत मिलेगी। इस महा-डील को मीडिया जगत में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (Mother of All Deals) भी कहा जा रहा है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी व्यापार साझेदारियों में से एक बन सकता है।

इस डील का मुख्य उद्देश्य व्यापार में टैक्स (ड्यूटी) को कम करना और सेवाओं तथा नए निवेश के लिए बाजारों को खोलना है। भारत के प्रमुख उत्पाद जैसे टेक्सटाइल, लेदर और मरीन प्रोडक्ट्स को यूरोप के बड़े बाजार में बिना या कम शुल्क पर भेजने का मौका मिलेगा। वहीं, यूरोपीय कंपनियां भी भारत के विनिर्माण (Manufacturing) सेक्टर में नई इन्वेस्टमेंट और सहयोग कर सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता विनिर्माण सेक्टर को बढ़ावा देगा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला (Resilient) बनाएगा ताकि भविष्य में वैश्विक व्यवधानों (Global Disruptions) का असर कम हो सके। यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने भी कहा है कि इस करार से दोनों तरफ के निवेश और व्यापार बढ़ेंगे। हालांकि, इसे लागू होने में अभी कुछ कानूनी जांच (Legal Vetting) और यूरोपीय संसद की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन दोनों पक्ष इसे वैश्विक व्यापार इतिहास का एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

यह ऐतिहासिक समझौता न केवल भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को नया आयाम देगा, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक व्यापार की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संबंधित खबरें