उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस 108 एंबुलेंस पर लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी होती है, वही नेशनल हाईवे पर खुली हुई और तेज रफ्तार में दौड़ती नजर आई, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह पूरा मामला फतेहपुर के मलवा विकासखंड इलाके का बताया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर दौड़ती इस एंबुलेंस का पीछे का दरवाज़ा पूरी तरह से खुला हुआ था, और चालक बिना किसी परवाह के गाड़ी को सरपट दौड़ा रहा था। हैरानी की बात यह है कि जीवनरक्षक मानी जाने वाली गाड़ी में यह लापरवाही किसी भी वक्त बड़े हादसे या मरीज के लिए जानलेवा खतरे को न्योता दे सकती थी।
इस गंभीर अनदेखी को देखकर एक जागरूक राहगीर ने तुरंत इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि मरीजों को ले जाने वाली गाड़ी किस तरह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही है।
सवाल यह उठता है कि क्या एंबुलेंस कर्मियों को सुरक्षा मानकों की जानकारी नहीं थी, या फिर यह जानबूझकर बरती गई लापरवाही है? खुले दरवाजे के साथ हाईवे पर इतनी तेज़ रफ़्तार में गाड़ी चलाना सीधे तौर पर मरीज की जिंदगी को खतरे में डालना है।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बरती जा रही गंभीर अनदेखी को उजागर करती है, जिस पर तुरंत उच्च-स्तरीय जांच और सुधार की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो और मरीजों की जान जोखिम में न डाली जाए।









