बिहार के मधुबन विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक राणा रणधीर हाल ही में वाराणसी पहुंचे। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की और दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों- शंकराचार्य विवाद और यूजीसी के नए कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। उनका यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीजेपी विधायक राणा रणधीर ने वाराणसी में हो रहे विकास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र की सरकारें जिस तरह से काम कर रही हैं, वह ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र को चरितार्थ करता है।
शंकराचार्य से जुड़े विवाद के संदर्भ में विधायक राणा रणधीर ने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने वाली सरकारें हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि वाराणसी में जिस तरह का अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है, वह स्पष्ट रूप से इस बात का प्रमाण है कि सरकारें संस्कृति और आधुनिकता दोनों को साथ लेकर चल रही हैं।
देश भर में यूजीसी के नए कानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर पूछे गए सवाल के जवाब में बीजेपी विधायक ने संयमित प्रतिक्रिया दी। विधायक राणा रणधीर ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमें पूरा भरोसा है कि वर्तमान सरकार इस समस्या का जल्द ही समाधान निकाल लेगी और लोगों की चिंताओं को दूर करेगी।” हालांकि, इस कानून की बारीकियों पर वह सीधा और स्पष्ट बयान देने से बचते नजर आए।
वाराणसी दौरे के माध्यम से विधायक राणा रणधीर ने न सिर्फ विकास कार्यों की प्रशंसा की, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के संवेदनशील मुद्दों पर सरकार के प्रति अपना पूर्ण विश्वास भी व्यक्त किया।









