धर्म की नगरी काशी में अब जालसाजों ने गरीबों के आशियाने को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थियों से अगली किश्त दिलाने के नाम पर हजारों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ से वसूली करने पहुंचे एक आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा गया, जिसके बाद पुलिस ने फर्जी अवर अभियंता (JE) समेत दो लोगों पर मामला दर्ज किया है।
यह पूरा मामला लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर इलाके से जुड़ा है।
1. ठगी का तरीका और घटनाक्रम: ठगी की शुरुआत तब हुई जब भगवानपुर निवासी विनोद कुमार के पास एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को आवास योजना का अवर अभियंता (JE) पीयूष पांडेय बताया। उसने कहा कि वह आवास की जांच के लिए मौके पर आ रहा है। हालांकि, बाद में उसने खुद न आकर अपने सहयोगी काजू गुप्ता (जो मिर्जापुर का निवासी है) को वसूली के लिए भेज दिया।
2. दबाव और गिरफ्तारी: मौके पर पहुंचे फर्जी कर्मचारी काजू गुप्ता ने महिलाओं और लाभार्थियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो सरकारी आवास योजना को निरस्त कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने तत्काल आरोपी काजू गुप्ता को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
3. पुलिस की कार्रवाई: मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने आरोपी काजू गुप्ता को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने कथित अवर अभियंता पीयूष पांडेय को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह निशुल्क है और किसी भी तरह की वसूली अवैध है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
यह घटना सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लाभार्थियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आवास योजना के नाम पर पैसा मांगने वाले किसी भी व्यक्ति पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।









