साइबर अपराध के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। सोनभद्र साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत कानपुर से चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश भर में 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी कर चुका था।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र को यह बड़ी कामयाबी प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई म्योरपुर निवासी कुमारी सुषमा गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।
पीड़िता को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया, गाली-गलौज की, धन की मांग की, और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी, साथ ही न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोबाइल हैक कर धन उगाही का गंभीर अपराध किया गया था। इस मामले को पुलिस अधीक्षक महोदय ने महिला संबंधी अपराधों में ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत तुरंत साइबर क्राइम पुलिस को सौंप दिया था।
ऑपरेशन और गिरफ्तारी:
अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के दिशा-निर्देशन में, निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को कानपुर नगर भेजा गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कानपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में दबिश दी और इस संगठित साइबर ठगी गैंग का खुलासा करते हुए कुल 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
ठगी का तरीका :
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने अपराध के तरीके का खुलासा किया:
फर्जी न्यूड फोटो: अभियुक्तगण अश्लील वीडियो देखने के नाम पर लोगों को फंसाते थे और फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से फर्जी न्यूड फोटो तैयार करते थे, जिसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग में किया जाता था।
सिम कार्ड फ्रॉड: ये ठग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड प्राप्त करते थे। सिम विक्रेता अपने पीओएस मशीन से अवैध रूप से सिम एक्टिवेट कर उन्हें साइबर अपराधियों को सप्लाई करते थे।
बड़ा नेटवर्क: अभियुक्तों ने अब तक 100 से अधिक सिम कार्डों का प्रयोग कर देश भर में साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसमें सोनभद्र जनपद के कई पीड़ित शामिल हैं।
सोनभद्र पुलिस की इस तत्परता और कार्रवाई से साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिली है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।









