वाराणसी के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यदि आप शहर के पार्कों में सुबह-शाम टहलने के शौकीन हैं या आस-पास रहते हैं, तो नगर निगम के नए नियम जान लेना आपके लिए जरूरी है। शहर के पार्कों के संरक्षण और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी नगर निगम अब बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है और जल्द ही ‘पार्क प्रबंधन एवं संरक्षण उपविधि 2025-26’ लागू करने की तैयारी में है।
यह उपविधि केवल चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। नगर निगम के अनुसार, पार्कों में गंदगी फैलाने, अवैध कब्जा करने, या पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर अब मौके पर ही भारी चालान किया जाएगा। निगम का उद्देश्य शहर के हरे-भरे क्षेत्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाना है।
पार्कों में इन गतिविधियों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध:
नगर निगम द्वारा प्रस्तावित इन नए और सख्त नियमों के तहत, पार्क परिसर के भीतर निम्नलिखित कार्यों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उल्लंघन करने पर नियमानुसार दंड का प्रावधान है:
पार्क परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण करना या दुकान/ठेला लगाना।
बिना किसी पूर्व अनुमति के पार्क में निर्माण कार्य करना या विज्ञापन सामग्री लगाना।
पेड़-पौधों को काटना या किसी भी प्रकार से उन्हें क्षति पहुंचाना।
पार्क परिसर के अंदर शराब, तंबाकू या किसी भी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करना।
पालतू पशुओं (जैसे कुत्तों) को खुला छोड़ना।
कचरा फैलाना या पार्क की लाइटिंग, बेंच या अन्य उपकरणों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।
गलत जुर्माने पर 15 दिन में अपील का प्रावधान
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि दंड प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपील का रास्ता खुला रखा गया है। यदि किसी नागरिक को लगता है कि उस पर गलत जुर्माना लगाया गया है, तो वह दंड आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर नगर आयुक्त के समक्ष अपनी अपील प्रस्तुत कर सकता है।
वाराणसी नगर निगम का यह कदम शहर की सुंदरता और नागरिकों की जिम्मेदारी दोनों को बढ़ाएगा, जिससे सभी को स्वच्छ और सुरक्षित पार्क उपलब्ध हो सकें। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इन नियमों का पालन करें और जुर्माना लगने से बचें।









