संसद का बजट सत्र वैसे तो देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए होता है, लेकिन इन दिनों सदन की कार्यवाही हंगामे और व्यक्तिगत हमलों की भेंट चढ़ती दिख रही है। हाल ही में, संसद के मकर द्वार पर राजनीतिक मर्यादा तार-तार होती दिखी, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए। इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने दलबदल की राजनीति को व्यक्तिगत शत्रुता के स्तर पर ला दिया है।
दिल्ली की कड़ाके की सियासी गर्माहट के बीच संसद का यह सत्र हंगामेदार रहा है। कांग्रेस सांसद विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी वहां से केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का गुजरना हुआ। बिट्टू को देखते ही राहुल गांधी के तेवर तल्ख हो गए और उन्होंने तंज कसते हुए कहा— “देखो एक गद्दार गुजर रहा है, इसका चेहरा देखो।”
राहुल गांधी ने इस दौरान बिट्टू से हाथ मिलाने की पेशकश भी की, जिसे बिट्टू ने ठुकरा दिया। बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू कभी राहुल गांधी के करीबी सिपहसालार हुआ करते थे, लेकिन 2024 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था। राहुल गांधी का ‘गद्दार’ वाला तंज इसी दलबदल पर आधारित था।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पलटवार और सिरसा की चेतावनी
राहुल गांधी के इस व्यक्तिगत हमले पर रवनीत सिंह बिट्टू ने भी तुरंत पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका ‘देश के दुश्मनों’ से कोई वास्ता नहीं है। यह जुबानी जंग यहीं नहीं रुकी। इस पूरे विवाद में अब बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सिरसा ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें मर्यादा में रहने की चेतावनी दी है।
बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम को राहुल गांधी की ‘अहंकारी राजनीति’ बता रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे ‘गद्दारों को आईना दिखाना’ बताकर अपने नेता का बचाव कर रही है। यह साफ है कि यह मुद्दा अब नीतिगत चर्चाओं से हटकर पूरी तरह व्यक्तिगत दुश्मनी पर आ टिका है।
संसद के गेट से शुरू हुई यह व्यक्तिगत और राजनीतिक लड़ाई सोशल मीडिया पर तूफान मचा रही है और दिखाती है कि कैसे शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़ी तल्खी ने संसदीय मर्यादा को पीछे छोड़ दिया है।









