उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने हाल ही में 24 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। इस फेरबदल में 11 जिलों के पुलिस कप्तानों को बदला गया है, जिसमें काशी यानी वाराणसी कमिश्नरेट का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। वाराणसी को अब एक ऐसे अनुभवी अधिकारी का नेतृत्व मिला है, जिनकी पहचान यूपी पुलिस में ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर होती है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में हुए ताजा प्रशासनिक बदलाव के तहत, 2011 बैच के अनुभवी अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को नया एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त) नियुक्त किया गया है। आलोक प्रियदर्शी इससे पहले गाजियाबाद कमिश्नरेट में तैनात थे और अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
आईपीएस आलोक प्रियदर्शी के करियर ग्राफ पर नजर डालें तो उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो अपराधियों के बीच खौफ पैदा करते हैं। उन्होंने अब तक 42 कुख्यात अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया है और वह तीन बार यूपी एसटीएफ (UP STF) की कोर टीम का हिस्सा रह चुके हैं। हाल ही में, बदायूं में हुए दो बच्चों की सनसनीखेज हत्या के मामले में, आलोक प्रियदर्शी ने बतौर एसएसपी, महज कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी साजिद को मुठभेड़ में मार गिराया था। उनकी इसी ‘ऑन-द-स्पॉट’ निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें विभाग में एक खास पहचान दिलाई है। मूल रूप से पटना के रहने वाले आलोक प्रियदर्शी जेएनयू से पढ़ाई के बाद एक अंग्रेजी अखबार में पत्रकार भी रह चुके हैं।
वहीं, दूसरी ओर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में अब तक अपनी सेवाएं दे रहे 2019 बैच के आईपीएस सरवणन टी को पदोन्नत करते हुए उन्नाव का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। वाराणसी में डीसीपी क्राइम और एडीसीपी काशी के रूप में उनका कार्यकाल भी काफी सराहनीय रहा था।
वाराणसी जैसे संवेदनशील शहर में आलोक प्रियदर्शी की नियुक्ति को कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









