उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बिजली विभाग ने बकाया बिजली बिल वसूली अभियान में बड़ी सख्ती दिखाई है। राहत योजना की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी धीमी रफ्तार को देखते हुए विभाग ने अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसमें अधिकारियों पर कार्रवाई और घर-घर जाकर वसूली पर जोर शामिल है।
बिजली बिल राहत योजना (ओटीएस) के तहत वसूली में अपेक्षित गति न मिलने पर विद्युत विभाग सक्रिय हो गया है। हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में जंगीपुर स्थित विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता पीके तिवारी ने धीमी वसूली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वसूली की सुस्त रफ्तार के कारण दो उपमंडलीय अधिकारी (SDO) को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि पांच जूनियर इंजीनियर (JE) को चेतावनी पत्र थमाया गया है। अधिशाषी अभियंता पीके तिवारी ने खास तौर पर बिजली चोरी के मामलों में कम राजस्व वसूली और ‘नेवर पेड’ उपभोक्ताओं की भागीदारी में कमी पर चिंता जाहिर की।
विभाग ने अब ‘कांबिंग अभियान’ चलाने का आदेश दिया है, जिसके तहत एसडीओ और जेई अपने लाइनमैन के साथ घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देंगे और बकाया वसूली को तेज करेंगे। इसके अतिरिक्त, बकायेदारों और बिजली चोरी में संलिप्त पाए गए उपभोक्ताओं के कनेक्शन तुरंत पोल से काटने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी विभाग सख्त है, जहां अधिकारियों को उपभोक्ताओं के मोबाइल में ‘स्मार्ट बिजली ऐप’ और ‘ऊर्जावान ऐप’ डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रीपेड मोड में बदले गए मीटरों के समय पर रिचार्ज और खपत की जानकारी सुनिश्चित हो सके।
इन सबके साथ ही, विभाग ने ‘अनुरक्षण माह’ के तहत ट्रांसफार्मर रखरखाव, तारों को कसने, डीटी सर्वे और अन्य तकनीकी कार्यों को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागीय कर्मियों को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराई गई है।
यह कदम दर्शाता है कि बिजली विभाग अब राजस्व वसूली और सेवाओं में सुधार के प्रति पूरी तरह गंभीर है, और आने वाले दिनों में गाजीपुर में बिजली उपभोक्ताओं के बीच यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है।









