ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच 18 दिनों से जंग जारी है जिस वजह से विश्व भर में तेल का संकट बना हुआ है, इजराइल और अमेरिका के हमलों से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था जिस वजह से भारत समेत कई देशों में गैस का संकट पैदा हो गया। भारत के 28 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अटके हुए थे लेकिन भारत सरकार की कूटनीति की वजह से ईरान ने भारतीय जहाजों को आने इजाजत दी।
ईरान ने जिन भारतीय जहाजों को परमिशन दी हैं उनमें-
शिवालिक- एलपीजी टैंकर
नंदा देवी- एलपीजी टैंकर
जग लाडकी-क्रूड ऑयल टैंकर
जग प्रकाश- ऑयल/कैमिकल टैंकर
देश विभोर- क्रूड ऑयल टैंकर
भारत पहुंचने लगे जहाज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के दो सिकंदर जहाज शिवालिक और नंदा देवी आ चुके हैं। इन जहाजों में लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है और इनका आगमन गुजरात के बंदरगाह मुंद्रा और कांडला पर हुआ। दो और तेल टैंकर जग प्रकाश और जग लाडकी भी होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। जग प्रकाश 21 मार्च को भारत में कदम रख सकता है और जग लाडकी 80,800 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर बहुत जल्द हिंदुस्तान में दाखिल हो सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की भूमिका
अब बात करें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की भूमिका के बारे में तो विश्व भर में 30 प्रतिशत तेल यहीं से गुजरता है और इस रास्ते में अगर कोई भी परेशानी आता है तो इंटरनेशनल ऑयल मार्केट और सप्लाई पर गहरा असर पड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक रणनीतिक संकरा समुद्री मार्ग है। अमेरिका और इजराइल के हमलेके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में इस रास्ते को बंद किया हुआ है जिस वजह से 28 जहाज फंसे हुए थे 24 होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में और चार इसके पूर्व में। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से भारत में गैस का संकट बन गया कई जगह कालाबाजारी शुरू हो गई तो कहीं दोगुनी कीमत पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। कई जगह होटल, रेस्टोरेंट तक बंद कर दिए गए, गरीब और कमजोर वर्गों के साथ-साथ मध्यम वर्ग, आम परिवारों,छात्रावासों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ रहा है।









