राजधानी दिल्ली के पालम इलाके की साध नगर की गली नंबर-2 में स्थित एक चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय मौजूद लोगों ने घटना का विवरण देते हुए बताया हादसे के वक्त का मंजर किसी डरावनी फिल्म जैसा था। बिल्डिंग की बालकनी में खड़े लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था जब धुएं ने फेफड़ों को जकड़ना शुरू किया, तो पिता के साहस का एक अनोखा उदाहरण दिखा. राजेंद्र कश्यप के बेटे प्रवेश ने अपनी एक साल की मासूम बच्ची और एक छोटे बच्चे को आग से बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया नीचे खड़े लोगों ने किसी तरह बच्चों को लपका. इस दौरान एक बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर हुआ और दूसरा बच्चा झुलस गया. मगर गनीमत ये रही कि उनकी जान बच गई. एक अन्य बच्चा हाथ से फिसलकर नीचे गिरा, जिसके सिर में गंभीर चोट आई है. चश्मदीदों के मुताबिक, एक व्यक्ति फायर ब्रिगेड की सीढ़ी से उतरते समय फिसलकर नीचे गिर गया।
कॉस्मेटिक शोरूम बताई जा रही आग फैलने की वजह
इस इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर और कॉस्मेटिक का बड़ा शोरूम था, जहां ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। इसी वजह से आग तेजी से फैल गई। ऊपरी मंजिलों पर करीब 15 लोग रहते थे, जो इस हादसे में बुरी तरह फंस गए।
दमकल की देरी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचीं। आग लगने के करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और हाइड्रोलिक मशीन को शुरू करने में भी समय लगा। लोगों ने पास की दीवार तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
9 की मौत, कई लोग झुलसे
दमकल विभाग के अनुसार, इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल हैं। कई लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया, जिनके शरीर बुरी तरह झुलस चुके थे। अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
पुलिस के मुताबिक, अब तक 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। IGI अस्पताल में एक व्यक्ति और 2 साल की बच्ची का इलाज चल रहा है, जबकि सफदरजंग अस्पताल में एक 19 वर्षीय युवक भर्ती है, जो करीब 25% तक झुलस गया है।









