अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को 21 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। युद्ध के खत्म होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
ईरान ने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर किया मिसाइल हमला
इसी बीच ईरान ने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागते हुए हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन इस कदम ने ईरान की बढ़ती सैन्य पहुंच को साफ तौर पर दिखा दिया है।
एक मिसाइल फेल, दूसरी को रोकने की कोशिश
अमेरिका के मुताबिक, पहली मिसाइल हवा में ही खराब हो गई थी। वहीं दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत से SM-3 इंटरसेप्टर दागा गया। हालांकि यह इंटरसेप्शन पूरी तरह सफल रहा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
ईरान की मिसाइल क्षमता पर उठे नए सवाल
डिएगो गार्सिया ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर स्थित है, जो उसकी घोषित मिसाइल सीमा से कहीं ज्यादा है। ईरान पहले अपनी मिसाइल रेंज को 2,000 किमी तक सीमित बताता रहा है, लेकिन इस हमले के बाद उसकी वास्तविक क्षमता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास 3,000 से 4,000 किमी तक मार करने वाली मिसाइलें पहले से मौजूद हो सकती हैं।
रणनीतिक रूप से बेहद अहम है डिएगो गार्सिया बेस
डिएगो गार्सिया अमेरिका के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है, जहां बमवर्षक विमान, परमाणु-संचालित पनडुब्बियां और मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात रहते हैं। ऐसे में इस बेस को निशाना बनाना ईरान का एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि वह अब मिडिल ईस्ट से बाहर भी अमेरिकी ठिकानों को चुनौती देने की क्षमता रखता है।








