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ईरान ने किया बड़ा दावा, कहा- हमने अमेरिका के F-15 और F-35 फाइटर जेट को मार गिराया

ईरान की मीडिया ने बड़ा दावा किया है कि होर्मुज आइलैंड के पास अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार यह जेट दक्षिणी क्षेत्र के ऊपर उड़ रहा था, जिसे ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम ने जमीन से मिसाइल दागकर निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिका या इजराइल ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

21 दिनों में भारी सैन्य नुकसान का दावा
ईरान का कहना है कि जारी संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजराइल को बड़ा नुकसान हुआ है। महज 21 दिनों में दोनों देशों के 28 से अधिक विमान और कई महंगे सैन्य सिस्टम प्रभावित हुए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने कम से कम 17 एयरक्राफ्ट को मार गिराया या नुकसान पहुंचाया है।

ड्रोन और एयरक्राफ्ट में करोड़ों डॉलर का नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका को 16 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं। एक ड्रोन की कीमत करीब 56.5 मिलियन डॉलर है, जिससे सिर्फ ड्रोन में ही 500 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। इसके अलावा 3 F-15 स्ट्राइक ईगल कुवैत में गलती से अपनी ही फायरिंग में नष्ट हो गए। वहीं, इराक के ऊपर एक KC-135 टैंकर विमान क्रैश होने से 6 लोगों की मौत हो गई।

F-35 को निशाना बनाने का भी दावा
ईरान ने 19 मार्च को F-35 स्टील्थ फाइटर को निशाना बनाने का दावा किया। अमेरिकी सेना के अनुसार विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, हालांकि कारण स्पष्ट नहीं किया गया। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पहली बार होगा जब इतने आधुनिक जेट को इस तरह निशाना बनाया गया हो। इजराइल के भी कई ड्रोन ईरान के क्षेत्र में नष्ट हुए हैं।

मिसाइल डिफेंस सिस्टम और रडार पर हमला
ईरान ने अमेरिका के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया है। THAAD सिस्टम से जुड़े महंगे रडार, जिनकी कीमत 300 से 500 मिलियन डॉलर तक होती है, उन्हें जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब में नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कतर के अल उदीद एयरबेस पर मौजूद 1.1 बिलियन डॉलर का रडार भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

युद्ध की बढ़ती लागत और नई चुनौतियां
इस बीच USS जेराल्ड आर फोर्ड पर आग लगने की घटना भी सामने आई, जिससे वह कुछ समय के लिए ऑपरेशन से बाहर हो गया। आग बुझाने में करीब 30 घंटे लगे। वहीं युद्ध की लागत तेजी से बढ़ रही है। पहले 6 दिनों में ही अमेरिका ने 11 से 12 बिलियन डॉलर खर्च कर दिए। एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत करीब 3.5 मिलियन डॉलर है और अब तक 300 से अधिक मिसाइलें इस्तेमाल हो चुकी हैं।