आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और टीएमसी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में टीएमसी सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर सियासी माहौल गरमा दिया है। इस दौरान उनके साथ विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।
अमित शाह का टीएमसी पर बड़ा हमला
अमित शाह ने ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल अराजकता और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। उन्होंने चुनाव को “डर और विश्वास” के बीच की लड़ाई बताया और दावा किया कि इस बार जनता भाजपा को पूर्ण बहुमत देगी।
घुसपैठ और सुरक्षा पर भी अमित शाह ने उठाए सवाल
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल घुसपैठ का मुख्य मार्ग बन गया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दी, क्योंकि वह घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।
‘सोनार बांग्ला’ पर भी अमित शाह ने साधा निशाना
अमित शाह ने टीएमसी पर ‘सोनार बांग्ला’ के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य उद्योगों के लिए कब्रिस्तान बन गया है और भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला में बदल चुका है।
ममता बनर्जी का पलटवार
इन आरोपों पर ममता बनर्जी ने कड़ा जवाब देते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद भ्रष्टाचार में शामिल है और टीएमसी पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो बुलडोजर राजनीति शुरू हो जाएगी।
राम नवमी हिंसा पर ममता बनर्जी ने भाजपा को घेरा
ममता बनर्जी ने भाजपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम नवमी के दौरान हुई हिंसा और दंगे भड़काने की कोशिश की गई और घटनाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
राष्ट्रीय राजनीति पर भी ममता की नजर
ममता बनर्जी ने ये भी संकेत दिए कि उनका लक्ष्य सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों को एकजुट कर केंद्र की राजनीति में भी भाजपा को चुनौती देने की बात कही।
चुनाव आयोग पर भी उठाए ममता ने सवाल
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए कि मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है।
कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे—23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी। इस तरह बंगाल चुनाव से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है।









