उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी Rinku Singh Rahi ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से कोई पोस्टिंग या कार्य आवंटन नहीं दिया गया।
पोस्टिंग न मिलने से नाराजगी
अपने इस्तीफे में Rahi ने कहा कि उन्हें लगातार साइडलाइन किया गया। उनका आरोप है कि SDM के रूप में कार्रवाई करने के बाद उन्हें सक्रिय जिम्मेदारियों से दूर रखा गया, जिससे वे निराश थे।
संघर्ष से IAS बनने तक का सफर
Rinku Singh Rahi पहले UP PCS के जरिए समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे। 2009 में मुजफ्फरनगर में एक घोटाले का खुलासा करने के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उन्हें कई गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और UPSC की तैयारी जारी रखी। आखिरकार 2022 में उन्होंने सफलता हासिल कर IAS बनकर यूपी कैडर जॉइन किया।
SDM रहते हुए विवादों में आए थे
ट्रेनिंग के दौरान शाहजहांपुर की तिलहर तहसील में SDM रहते हुए वह उस वक्त चर्चा में आए, जब उन्होंने वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
राजस्व परिषद से अटैच, नहीं मिली नई जिम्मेदारी
इस विवाद के बाद उन्हें लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया। तब से उन्हें कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
इस्तीफे के बाद बढ़ी चर्चाएं
Rahi के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार उनके इस्तीफे पर क्या फैसला लेती है।








