अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लगभग एक महीना हो चुका है, लेकिन हालात लगातार और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। गुरूवार रात अमेरिका-इजराइल ने ईरान के एक अहम B1 पुल को निशाना बनाया, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने अल्बोरज प्रांत के अधिकारियों के हवाले से बताया कि 136 मीटर ऊंचा बी1 पुल अभी निर्माणाधीन था और इसे तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ना था। इस हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए और करीब 95 अन्य घायल हो गए। ये लोग प्रकृति दिवस मनाने के लिए पास ही इकट्ठा हुए थे।
ईरान की जवाबी रणनीति तैयार
इस हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। ईरान की सरकारी एजेंसी ‘फार्स’ के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के 8 अहम पुलों को संभावित टारगेट के रूप में चिन्हित किया है।
किन पुलों पर मंडरा रहा खतरा
एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस लिस्ट में कुवैत का ‘शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज’, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ‘शेख जायद ब्रिज’, ‘अल मक्ता ब्रिज’ और ‘शेख खलीफा ब्रिज’; सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला ‘किंग फहद कॉजवे’ शामिल हैं। इसके साथ ही जॉर्डन के ‘किंग हुसैन ब्रिज’, ‘दामिया ब्रिज’ और ‘अब्दून ब्रिज’ ईरान के टारगेट हो सकते हैं।
कुवैत की रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
इस बीच ईरान ने कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया। हमले के बाद वहां आग लग गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
जंग का 35वां दिन, हालात गंभीर
अमेरिका-ईरान संघर्ष अब 35वें दिन में पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में अस्थिरता और खतरा पहले से ज्यादा गहरा होता जा रहा है।
F-35 फाइटर जेट गिराने का ईरान ने किया दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने एक और अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अगर यह सच होता है तो यह अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।
बढ़ती चिंताओं के बीच दुनिया की नजर
लगातार बढ़ते हमले, जवाबी कार्रवाई और दावों के बीच पूरी दुनिया की नजर इस युद्ध पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि यह संघर्ष आगे किस दिशा में बढ़ता है और क्या यह और बड़े संकट में बदल सकता है।








