पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में महंगाई, राशन और बिजली संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रावलाकोट समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हालात नहीं सुधरने पर कड़ी चेतावनी दी।
इस्लामाबाद/रावलाकोट: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आर्थिक संकट, महंगाई, बिजली और राशन की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। रावलाकोट समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानते और यदि हालात नहीं सुधरे तो “दूसरा रास्ता” तलाशने को मजबूर होंगे।
कश्मीर को पाकिस्तान की जरूरत नहीं
ये चिंगारी PoK के रावलाकोट स्थित ईदगाह ग्राउंड में सुलग रही है, जहां चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी हुकूमत पर आरोप लगाया कि वो जानबूझकर राशन और बुनियादी चीजों की सप्लाई रोककर यहां के आम नागरिकों को टॉर्चर कर रही है. मंच से दहाड़ते हुए PoK के स्थानीय नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी सरकार को ललकारते हुए कहा, ‘हमें तुम्हारे राशन की कोई जरूरत नहीं है. सच तो ये है कि तुम्हें हमारी जरूरत है’. उन्होंने साफ शब्दों में वॉर्निंग दी कि अगर राशन की ये पाबंदियां तुरंत नहीं हटाई गईं, तो PoK के लोग अपनी जिंदा रहने के लिए कोई भी दूसरा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.
आंदोलन पर कार्रवाई और तनाव
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई हैं और आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। बताया जा रहा है कि आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं, जिसकी आलोचना विपक्षी दलों और स्थानीय संगठनों ने की है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने PoJK की आग में डाला घी
बता दें कि ये उग्र आंदोलन ‘जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) की अगुवाई में चल रहा है. हैरान करने वाली बात ये है कि इसी महीने पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस संगठन को एंटी-टेररिज्म यानी आतंकवाद विरोधी कड़े कानूनों के तहत बैन कर दिया था लेकिन इसके बावजूद जनता का हौसला टूटा नहीं बल्कि आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है.इस आग में घी डालने का काम पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बेहद विवादित बयान ने किया. उन्होंने हाल ही में कह दिया था कि रावलाकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग ‘असली कश्मीरी’ नहीं हैं. रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद पूरे PoK में भूचाल आ गया और राजनीतिक नेतृत्व से लेकर आम जनता के बीच इस्लामाबाद के खिलाफ नफरत की दीवार और ज्यादा चौड़ी हो गई.
अब तक 22 लोगों की मौत, बदहाल हुआ PoK
पाकिस्तान की इस क्रूरता की वजह से PoK में आम जनजीवन पूरी तरह से तहस-नहस हो चुका है. पिछले लगभग दो हफ्तों से प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से पूरे इलाके में भोजन और जरूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प और क्लैश में अब तक कम से कम 22 मासूम लोगों की जान जा चुकी है. हालात पल-पल बिगड़ते जा रहे हैं और PoK की जनता अब पाकिस्तान के चंगुल से पूरी तरह आजाद होने के मूड में दिखाई दे रही है
मुख्य बातें
- रावलाकोट सहित कई इलाकों में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी।
- प्रदर्शनकारियों ने राशन, बिजली और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई।
- कुछ प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई।
- आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई और इंटरनेट प्रतिबंध की खबरें।


