अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित, स्वच्छ और राष्ट्रहित से जुड़े 5 संकल्प लेने की अपील की।
पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के शिवभक्तों को शुभकामनाएं दी हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया। पहले जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल हैं, जिन्हें 259 वाहनों के सुरक्षा काफिले के साथ भेजा गया। यह यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी, जिसके दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पोस्ट साझा करते हुए अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर सभी शिवभक्तों को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि “समस्त शिवभक्तों को पावन-पुनीत अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की अनंत शुभकामनाएं। बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। जय बाबा बर्फानी!” इसके साथ ही उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया।
अपने दूसरे संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सफल और मंगलमय रहे।
श्रद्धालुओं से लिए 5 संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने शिवभक्तों के नाम दो पन्नों का एक पत्र भी जारी किया, जिसमें उन्होंने यात्रा के दौरान पांच संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और पूरे यात्रा मार्ग को साफ रखने में सहयोग करें। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सभी निर्देशों का पालन करें तथा बारिश, फिसलन और ठंड जैसी परिस्थितियों में सतर्क रहें।
- पहला संकल्प– हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें.
- दूसरा संकल्प– प्रशासन के सभी आदेशों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें. यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें.
- तीसरा संकल्प– वोकल फॉर लोकल के तहत 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें. इससे स्थानीय परिवारों की आजीविका मजबूत होगी.
- चौथा संकल्प– अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस (रक्षाबंधन) पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और एक पेड़ मां के नाम अभियान को आगे बढ़ाएं.
- पांचवां संकल्प– राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें.
अमरनाथ यात्रा को बताया आस्था और एकता का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बाबा अमरनाथ के दर्शन का अवसर हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के लिए जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े लोग महादेव के दर्शन के लिए एक साथ इस यात्रा में शामिल होते हैं, जो भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का अद्भुत उदाहरण है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा बर्फानी की कृपा से इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा और राष्ट्रीय एकता का भव्य उत्सव बनेगी तथा सभी श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करेगी।


