पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच के दौरान नया मोड़ आया है, जहां सिया गोयल का मीडिया के सामने मिडिल फिंगर दिखाने का वीडियो वायरल होने के साथ पुलिस तीसरे संदिग्ध और डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच कर रही है।
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर चर्चा में आ गई, जब पुलिस जांच के लिए उसे घर से बाहर लेकर निकली और उसने मीडिया कैमरों की ओर मिडिल फिंगर दिखाकर इशारा किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि पुलिस ने इस व्यवहार पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और फिलहाल जांच का पूरा फोकस हत्या के मामले की कड़ियां जोड़ने पर है।
जांच में तीसरे युवक की एंट्री
पुलिस जांच के दौरान अब एक तीसरे युवक का नाम भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक यह युवक सह-आरोपी चेतन चौधरी का क्लासमेट है और मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है। वह फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। दावा किया जा रहा है कि सिया और चेतन ने उसे केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना के बारे में पहले ही बताया था और 18 जून को लोहागढ़ किले चलने का भी न्योता दिया था। हालांकि वह उनके साथ नहीं गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर इन दावों की पुष्टि करने में जुटी है।
‘ऐसा मत करो’ की दी थी सलाह
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सिया और चेतन को इस योजना पर आगे न बढ़ने की सलाह दी थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे पूरी साजिश की कितनी जानकारी थी और घटना के बाद आरोपियों से उसकी क्या बातचीत हुई। पुलिस कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि केतन की मौत के बाद चेतन सबसे पहले इसी युवक से मिला था और सिया ने भी उससे संपर्क किया था।
कथित रिहर्सल वाली जगह पर पहुंची पुलिस
गुरुवार को पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां पुलिस के मुताबिक हत्या से पहले कथित तौर पर रिहर्सल की गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह स्थान पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास है। जांच के दौरान सिया ने उस जगह की पहचान की, जहां कथित तौर पर किसी व्यक्ति को चट्टान से धक्का देने का अभ्यास किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रिहर्सल मई में किस तारीख को हुई थी और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था।
पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पुलिस का कहना है कि अदालत की मंजूरी और दोनों आरोपियों की सहमति मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए जांच एजेंसियां आरोपियों के बयानों और उपलब्ध सबूतों के बीच सामंजस्य की जांच करना चाहती हैं।
फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच
पुलिस ने सिया गोयल के पुणे स्थित घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें उसने कथित तौर पर 18 जून को पहना था। इन कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन का डेटा, लोकेशन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरी घटना की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा सके।


