नई दिल्ली: 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर की नई पारी शुरू कर दी है। भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट के बाद अभिनंदन अब सिविल एविएशन में बतौर कमर्शियल पायलट नजर आएंगे। उन्होंने गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 ज्वाइन कर ली है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अगस्त 2026 से एयरलाइन के साथ बतौर पायलट जुड़े हैं।
2019 में पाकिस्तान में क्रैश हुआ था विमान
अभिनंदन वर्धमान फरवरी 2019 में उस समय पूरी दुनिया में चर्चा में आए थे, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष के दौरान उन्होंने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया था।
इस हवाई मुठभेड़ के दौरान उनका मिग-21 भी पाकिस्तान की सीमा में क्रैश हो गया था। इसके बाद अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। करीब तीन दिन बाद उन्हें भारत वापस लाया गया।
उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए भारत सरकार ने 2021 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया था।
22 साल की सैन्य सेवा के बाद नई शुरुआत
अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना में करीब 22 साल सेवा की। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने फाइटर पायलट के तौर पर लंबा अनुभव हासिल किया और मिग-21 समेत कई लड़ाकू विमानों को उड़ाया।
अब सैन्य वर्दी से विदाई लेने के बाद उन्होंने कमर्शियल एविएशन का रुख किया है। FLY91 में उनकी नई जिम्मेदारी सैन्य विमान उड़ाने से अलग होगी, लेकिन बतौर अनुभवी फाइटर पायलट उनका उड़ान अनुभव इस नई भूमिका में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किस एयरलाइन से जुड़े हैं अभिनंदन?
अभिनंदन ने गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 ज्वाइन की है। कंपनी ने मार्च 2024 में अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की थीं और फिलहाल उसके बेड़े में ATR 72-600 विमान शामिल हैं। एयरलाइन के गोवा और हैदराबाद में बेस हैं।
एयरलाइन की ओर से उनके बारे में ज्यादा व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की गई है। कंपनी के प्रवक्ता ने कर्मचारियों की निजी जानकारी का हवाला देते हुए इस मामले में विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
फाइटर पायलट से कमर्शियल पायलट बनना कितना अलग?
भारतीय वायुसेना से रिटायर होने के बाद सैन्य पायलट सीधे कमर्शियल एयरलाइन में विमान उड़ाना शुरू नहीं कर सकते। इसके लिए नागरिक उड्डयन के नियमों के तहत जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
इसमें उड़ान रिकॉर्ड का सत्यापन, जरूरी लाइसेंस प्रक्रिया, मेडिकल फिटनेस और संबंधित विमान के लिए आवश्यक प्रशिक्षण जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सैन्य विमान उड़ाने का अनुभव जरूर मददगार होता है, लेकिन कमर्शियल एविएशन के लिए अलग नियामकीय आवश्यकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।
अब आसमान में एक नई जिम्मेदारी
अभिनंदन वर्धमान की कहानी भारतीय सैन्य इतिहास के उन अध्यायों में शामिल है, जिन्हें देश लंबे समय तक याद रखेगा। 2019 में मिग-21 से दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई से लेकर पाकिस्तान में हिरासत और फिर भारतीय वायुसेना में अपनी सेवा जारी रखने तक उनका सफर बेहद खास रहा।
अब रिटायरमेंट के बाद कमर्शियल पायलट के तौर पर उनकी नई पारी शुरू हो गई है। सैन्य विमान से लेकर यात्री विमान तक का यह बदलाव उनके करियर में एक बिल्कुल नया अध्याय है।