उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगरा जिला जेल से रिहा हुए इन सभी लोगों को सीमा पार भेजने के लिए आज कोलकाता रवाना किया गया है। डिपोर्ट किए जाने वालों में 30 वयस्क और 8 नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
यह पूरा मामला आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी बांग्लादेशी नागरिक चोरी-छिपे बॉर्डर पार करके भारत आए थे। 5 फरवरी, 2023 को पुलिस ने इन्हें सिकंदरा क्षेत्र में अवैध रूप से झुग्गी बनाकर रहते हुए पकड़ा था। आगरा पुलिस ने इन सभी के खिलाफ ‘परदेशी एक्ट’ (Foreigners Act) में मुकदमा दर्ज किया था और इन्हें जेल भेज दिया था।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी नागरिकों ने अपनी न्यायिक हिरासत पूरी कर ली है। सजा पूरी होने के बाद अब इन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा रहा है। आगरा पुलिस इन सभी को सुरक्षा घेरे में कोलकाता डिटेन्शन सेंटर ले गई है।
आगरा पुलिस की टीम कोलकाता में इन सभी 38 बांग्लादेशियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सुपुर्द करेगी। BSF को इनकी सुपुर्दगी के लिए 13 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई थी। सुपुर्दगी पूरी होने के बाद, BSF इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों को औपचारिक प्रक्रिया के तहत बॉर्डर पार उनके देश भेजेगी।
अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और निवास करने के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









