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बारामती का शेर चला गया! डिप्टी CM अजित पवार समेत 5 की प्लेन क्रैश में मौत, महाराष्ट्र में शोक की लहर

बारामती का शेर नहीं रहा

महाराष्ट्र के दिल को तोड़ देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मजबूत स्तंभ ‘बारामती का शेर’ कहे जाने वाले अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। मुंबई से बारामती जा रहा उनका निजी Learjet 45 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर, मुंबई से बारामती के लिए विमान VT-SSK, ऑपरेटर VSR का Learjet 45 रवाना हुआ था। बताया जा रहा है कि अजित पवार जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए जा रहे थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग से ठीक पहले यह विमान क्रैश लैंड कर गया। DGCA और पुलिस के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि कोई बचाव संभव नहीं हो सका। विमान में सवार 5 लोग — डिप्टी CM अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), अटेंडेंट और दोनों पायलट (कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश) — ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद विमान के मलबे और आग की लपटों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखकर महाराष्ट्र शोक में डूब गया है।

अजित पवार की निधन की खबर मिलते ही उनके परिवार पर मानो आफत टूट पड़ी है। सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार तुरंत दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हुए। पवार परिवार के मुखिया शरद पवार के आवास पर पूरा परिवार और समर्थक इकट्ठा हो गए हैं। राजनीतिक विरोधी भी इस क्षति से दुखी हैं, क्योंकि अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की एक ताकत थे।

अजित पवार का राजनीतिक सफर 1991 में बारामती से विधायक बनने के बाद शुरू हुआ। उन्हें ‘बारामती का शेर’ कहा जाता था। उन्होंने जल संसाधन मंत्री, वित्त मंत्री और कई बार डिप्टी सीएम के रूप में कार्य किया। महाराष्ट्र के विकास और सिंचाई परियोजनाओं में उनका बड़ा योगदान रहा। हाल ही में उन्होंने NCP का एक बड़ा धड़ा अपने साथ लेकर राज्य की महायुति सरकार में उप-मुख्यमंत्री का पद संभाला था। 66 वर्ष की आयु में भी उनकी ऊर्जा युवाओं को मात देती थी, जिसने उन्हें राजनीतिक पटल पर हमेशा मजबूत बनाए रखा।

यह हादसा हमें जीवन की अनिश्चितता की याद दिलाता है। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति और पवार परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी कमी हमेशा खलेगी। हम सब इस कठिन समय में उनके परिवार, दोस्तों और कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं।