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अखिलेश यादव पर साधु समाज का गंभीर आरोप: ‘महाविद्यालय का वादा अधूरा, ब्राह्मणों की दक्षिणा तक नहीं दी’

वृंदावन के संत राघवेंद्र आचार्य महाराज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर वादे पूरे न करने का आरोप लगा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में संत समाज की नाराजगी अक्सर बड़ा चुनावी मुद्दा बन जाती है। हाल ही में, वृंदावन से समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने दावा किया है कि अखिलेश यादव ने वर्षों पहले किए गए दो महत्वपूर्ण वादे पूरे नहीं किए हैं, जिसके कारण संत समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित मोहिनी नगर, श्याम कुटी के सामने रहने वाले संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने सपा प्रमुख पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

संत राघवेंद्र आचार्य महाराज (संस्थापक अध्यक्ष, श्री वैष्णव प्रशिक्षण संस्थान श्री बैकुंठ धाम) ने बताया कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने वृंदावन में ‘यदुवंश गोलोक हिंदी संस्कृत महाविद्यालय’ की स्थापना का वादा किया था। इस संबंध में उस समय के मंत्रियों द्वारा पत्राचार भी किया गया और कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह महाविद्यालय स्थापित नहीं हो सका। आचार्य महाराज ने इस अकारण देरी और निष्क्रियता को संत समाज के साथ किया गया ‘विश्वासघात’ करार दिया।

आचार्य महाराज ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के निर्देश पर उनके द्वारा एक विशाल पूजा-पाठ और यज्ञ का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक अनुष्ठान में 108 ब्राह्मणों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी उन ब्राह्मणों की दक्षिणा का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।

संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि समाजवादी पार्टी संतों के सम्मान की लगातार अनदेखी करती रही और अपने वादे पूरे नहीं किए, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका बड़ा राजनीतिक खामियाजा उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, इन गंभीर आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे यह मामला राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है।

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