Ankit Baliyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में शामिल दो कथित शूटरों मोहित और सुमित को पुलिस ने सोमवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया। उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे गोगी गैंग की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने कई दिनों तक अंकित बालियान की रेकी की थी।
पुलिस मुठभेड़ में दो शूटर ढेर
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में मोहित और सुमित को गोली लगी।
दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस के खोखे बरामद किए हैं।
कई दिनों तक अंकित की रेकी
पुलिस के अनुसार, अंकित बालियान की हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसकी पूरी प्लानिंग की गई थी। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक अंकित की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखी। इसके बाद मौका देखकर हत्या को अंजाम दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि शूटर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से उनकी गतिविधियों का पता लगाया और इसके बाद ऑपरेशन को अंजाम दिया।
गोगी गैंग का नाम क्यों आया?
डीजीपी के मुताबिक, जांच में गोगी गैंग की भूमिका सामने आई है। पुलिस का दावा है कि शूटरों को बाहर से हथियार मुहैया कराए गए थे और हत्या की साजिश के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
पुलिस को यह भी पता चला है कि अंकित बालियान की हत्या उनके एक गाने को लेकर की गई। बताया जा रहा है कि अंकित ने गोगी गैंग के खिलाफ गाना बनाया था, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया।
जांच के दौरान साल 2021 में रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र मान की हत्या से जुड़े एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा कनेक्शन है या नहीं।
हत्याकांड में शामिल थे छह लोग
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, अंकित बालियान हत्याकांड में कुल छह लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि बाकी चार की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं।
शूटरों को हथियार देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ किया कि सिर्फ शूटर्स तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। जिन लोगों ने आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए या किसी भी स्तर पर उनकी मदद की, उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने वाले लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी ने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर अपराध की साजिश रचने वालों को यह नहीं समझना चाहिए कि पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकती।
पुलिस ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क साधा है। अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े बाकी आरोपियों और पूरे नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाएगा।