नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के बीच उस समय जोरदार हंगामा हो गया, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर विवादित टिप्पणी की। उनके बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे “चरित्र हनन” करार देते हुए बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने और प्रियंका गांधी से माफी की मांग की।
सरकार पर प्रियंका गांधी का हमला
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी बड़े पेपर लीक गिरोह या दोषी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार से जुड़े क्षेत्रों को लगातार कमजोर कर रही है और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।
RSS और शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा है और संस्थानों का केंद्रीकरण होने से व्यवस्था और जटिल हुई है। साथ ही उन्होंने शिक्षा बजट में हिस्सेदारी घटने का भी आरोप लगाया।
प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी से मचा बवाल
भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर एक टिप्पणी की, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनके बयान के बाद भाजपा सांसदों ने सदन में आपत्ति जताई और इसे असंसदीय बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।
किरेन रिजिजू बोले- यह चरित्र हनन है
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि किसी मंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चरित्र हनन का मामला है और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। रिजिजू ने स्पीकर से बयान को कार्यवाही से हटाने और प्रियंका गांधी से सदन में माफी मांगने की मांग की।
बीजेपी सांसदों ने भी जताई आपत्ति
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे समेत कई एनडीए सांसदों ने भी प्रियंका गांधी के बयान का विरोध किया। सत्ता पक्ष का कहना था कि एंटी पेपर लीक बिल जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
एंटी पेपर लीक बिल पर जारी है चर्चा
लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल पर चर्चा जारी है। सरकार का दावा है कि संशोधित कानून के जरिए पेपर लीक, नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी जैसे मामलों पर और अधिक सख्ती से कार्रवाई की जा सकेगी, जबकि विपक्ष इस बिल के साथ-साथ सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहा है।