Anti Paper Leak Bill: राज्यसभा में गुरुवार (30 जुलाई) को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के लिए सदन में 7 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। बहस की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के पुराने मामलों का जिक्र किया और कांग्रेस पर निशाना साधा। उनके बयान के दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा भी किया।
विपक्ष के हंगामे पर क्या बोले जितेंद्र सिंह?
सदन में विपक्ष के विरोध के बीच जितेंद्र सिंह ने कहा, “लगता है तीर सही जगह पर लगा है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विपक्ष के अच्छे सुझावों का स्वागत करती है और उच्च सदन के सभी वरिष्ठ सदस्यों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान भी कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, इसलिए इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समाधान पर चर्चा होनी चाहिए।
‘पेपर लीक पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने JPSC पेपर लीक का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है।
NEET पेपर लीक मामले का भी किया जिक्र
जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि NEET पेपर लीक मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मामला सामने आते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच CBI को सौंप दी थी।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले चार्जशीट दाखिल हुई है और अदालत में सुनवाई भी शुरू हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि मामले का ट्रायल पांच महीने के भीतर पूरा हो जाए।
लोकसभा से पहले ही पास हो चुका है बिल
इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को करीब 10 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया था।
लोकसभा में भी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से बहस का जवाब दिया था। अब राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।