असम की राजनीति इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। एक राजनीतिक रैली के दौरान कथित तौर पर महिलाओं के प्रति किए गए आपत्तिजनक इशारों के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सर्मा की अगुवाई में हुए इस फैसले के बाद, कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ सीधे तौर पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे राज्य में सियासी भूचाल आ गया है।
यह विवाद हाल ही में गुवाहाटी में हुई कांग्रेस की एक राज्यव्यापी रैली से जुड़ा है। राज्य सरकार ने जिन तीन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है, उनमें देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोरठाकुर शामिल हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद स्पष्ट किया कि यह केवल बयानबाजी का मामला नहीं, बल्कि कानून का उल्लंघन है।
महिलाओं के ‘सामूहिक अपमान’ पर सीएम का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सर्मा ने जोर देकर कहा कि उन्होंने खुद घटना का वीडियो देखा है, जो “बेहद शर्मनाक और निंदनीय” है। उन्होंने इस कृत्य को असम की महिलाओं का “सामूहिक अपमान” बताया और कहा कि किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक नेता से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री सर्मा ने मांग की कि कांग्रेस पार्टी को तत्काल इन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह मामला राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ है।”
निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इस मामले से संबंधित वीडियो क्लिप महिला आयोग को भी भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि जब प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष स्वयं रैली में मौजूद थीं, तब ऐसी हरकत क्यों हुई।
गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच
इसी कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा राजनीतिक मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सर्मा ने घोषणा की कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तानी कनेक्शन के मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री सर्मा ने बताया कि इस मामले में गौरव गोगोई, उनकी पत्नी और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख की भूमिका की जांच की जाएगी।
असम की राजनीति में इस वीडियो विवाद और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े गंभीर आरोपों ने तनाव बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और महिला आयोग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कांग्रेस पार्टी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।









