उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम शुरू हुआ करीब 8 घंटे का हाई-वोल्टेज ऑपरेशन देर रात एनकाउंटर के बाद खत्म हुआ। पुलिस के मुताबिक, शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने विवाद के बाद अपनी पत्नी बबीता सिंह और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी और पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। देर रात SOG और ATS की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की, जिसमें अरविंद सिंह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, शंभूपुर गांव स्थित अरविंद सिंह के घर में मंगलवार शाम पूजा चल रही थी। घर में उसकी पत्नी, बच्चे और कुछ पंडित मौजूद थे। शाम करीब 6 बजे अरविंद बाजार से घर लौटा और पूजा को लेकर सवाल करने लगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंडितों से कथित तौर पर आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद अरविंद की पत्नी से भी बहस हुई और पुलिस के अनुसार उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या
पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और दो पंडितों महेंद्र पाठक तथा अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे गांव को घेर लिया गया।
बच्चों को कमरे में लेकर बंद हुआ आरोपी
पुलिस के पहुंचने के बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस लगातार उसे सरेंडर करने के लिए समझाती रही। अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान आरोपी बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था। स्थिति गंभीर होने के कारण मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ ATS कमांडो की टीम भी बुलाई गई।
रात करीब 1 बजे SOG-ATS ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, देर रात कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद SOG और ATS की संयुक्त टीम ने कमरे में प्रवेश करने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह को गोली लगी और वह घायल हो गया। SSP डॉ. अनिल कुमार ने बाद में उसकी मौत की पुष्टि की।
पुलिस का दावा- बच्चों को बचाने के दौरान हुई फायरिंग
वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा के मुताबिक, पुलिस ने पहले बातचीत और सरेंडर के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने अपने बेटे को भी गोली मार दी और बाद में पुलिस टीम पर फायरिंग की। ADG के मुताबिक, बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी टीम पर फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद घायल हुआ और उसकी मौत हो गई।
परिवार ने क्यों कराई थी पूजा?
आजमगढ़ SSP के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया है कि परिवार के कुछ सदस्यों को अरविंद के व्यवहार को लेकर चिंता थी। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर ज्यादा शराब पी रहा था और परिवार को उसके व्यवहार में बदलाव महसूस हुआ था। इसी वजह से घरवालों ने पूजा रखवाई थी।
करीब 8 घंटे तक गांव में चला ऑपरेशन
घटना के बाद शंभूपुर गांव में कई घंटे तक पुलिस का ऑपरेशन चला। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ SOG और ATS की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस की प्राथमिकता कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। करीब आठ घंटे चले इस घटनाक्रम के बाद आरोपी की मौत के साथ ऑपरेशन खत्म हुआ। मामले में पुलिस की जांच जारी है।


