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बांके बिहारी मंदिर: कोटा में मिली 15 हेक्टेयर संपत्ति, बसंत पंचमी पर लगेगी चांदी की देहरी

बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन की व्यवस्थाओं पर हाई पावर्ड कमेटी की बैठक के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय और कोटा में मिली संपत्ति।

वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड कमेटी लगातार सक्रिय है। हाल ही में कमेटी की 11वीं बैठक संपन्न हुई, जिसमें न सिर्फ मंदिर के सुरक्षा और दर्शन प्रणाली पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, बल्कि मंदिर प्रबंधन को एक बड़ी सफलता भी मिली है।

सोमवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने की, जिसमें जिलाधिकारी, एसएसपी और सेवायत गोस्वामी सदस्यों सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे सहित कुल 17 बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कमेटी ने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि मथुरा के जिलाधिकारी के निर्देश पर भेजी गई टीम ने राजस्थान सरकार के सहयोग से कोटा में ठाकुर बांके बिहारी जी की वर्षों से चिन्हित न हो पाई 15 हेक्टेयर भूमि को सफलतापूर्वक खोज निकाला है।

भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कमेटी ने दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने पर जोर दिया है। नववर्ष के दौरान सेवायतों के यजमानों के लिए दर्शन संख्या में दी गई ढील को अब संशोधित कर दिया गया है। अब प्रति सेवायत अधिकतम 5 व्यक्ति ही विशेष दर्शन कर पाएंगे। भविष्य में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर में रैलिंग के माध्यम से कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था भी लागू करने की योजना है।

कमेटी ने जानकारी दी कि आगामी बसंत पंचमी के शुभ अवसर से मंदिर में पारंपरिक होली महोत्सव का शंखनाद हो जाएगा। इसी दिन एक श्रद्धालु द्वारा भेंट की गई चांदी की देहरी (चौखट) को भी विधि-विधान से पूजन के बाद मंदिर के द्वार पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण की पहली रजिस्ट्री होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई और सभी हितधारकों से कॉरिडोर निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देने की अपील की गई।

मंदिर प्रबंधन कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलती रहेंगी और भक्तों की सुविधा तथा मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निरंतर सुधार किए जाते रहेंगे।