बिहार के लाखों ग्रामीण श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली दैनिक मजदूरी 255 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी है, जिससे मजदूरों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार के ग्रामीण श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम (पूर्व मनरेगा योजना) के तहत काम करने वाले श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 255 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। यानी अब योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को पहले के मुकाबले 45 रुपये अधिक मजदूरी मिलेगी। इस फैसले को ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में उठी थी मांग
ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ थीम पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सभी राज्यों में मजदूरी दर बढ़ाने और समान करने की अपील की थी। मंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस सुझाव पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए बिहार के श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित कर दी।
कई राज्यों में अब भी अधिक है मजदूरी
हालांकि मजदूरी बढ़ने के बावजूद बिहार अभी भी उन राज्यों में शामिल नहीं है जहां सबसे अधिक भुगतान किया जाता है। हरियाणा में श्रमिकों को 400 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 356 रुपये, कर्नाटक में 349 रुपये, केरल में 346 रुपये और पंजाब में 322 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। इसके बावजूद बिहार में हुई यह बढ़ोतरी श्रमिकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मजदूरी बढ़ने से ग्रामीण श्रमिकों की आय और क्रय शक्ति में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उनका मानना है कि इससे गांवों में रोजगार के अवसर बेहतर होंगे, गरीबी कम होगी और बिहार से दूसरे राज्यों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आएगी। साथ ही, श्रमिकों को कर्ज के बोझ से राहत मिलने और उनके जीवन स्तर में सुधार होने की भी उम्मीद है।


