हाल ही में पेश हुए बजट दिवस पर भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन सरकारी घोषणाओं के दबाव में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। निवेशकों के लिए यह दिन भारी बिकवाली और अनिश्चितता से भरा रहा।
बजट के ऐलान के दौरान बाजार में बिकवाली हावी रही, जिसके चलते सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक गिरकर 81,900 के स्तर के आस-पास पहुँच गया। वहीं, निफ्टी में भी करीब 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो 25,200 के स्तर के आस-पास कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 19 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 11 शेयर ही हरे निशान में रहे।
बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी, लेकिन एक समय सेंसेक्स में निचले स्तर (82,119) से लगभग 500 अंकों की तेज रिकवरी भी देखने को मिली थी। हालांकि, यह रिकवरी टिक नहीं पाई और मुनाफावसूली के कारण बाजार वापस फिसल गया।
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो सरकारी बैंक सेक्टर (PSU Banks) सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां 3.5% तक की भारी गिरावट आई। मेटल, मीडिया, एफएमसीजी, आईटी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर भी लाल निशान में रहे। हालांकि, ऑटो और निजी बैंक सेक्टर में मामूली तेजी ने बाजार को पूरी तरह ध्वस्त होने से बचाया। एसबीआई, बीईएल और टाइटन के शेयरों में सबसे ज्यादा 3% तक की गिरावट देखने को मिली।
कुल मिलाकर, बजट दिवस पर बाजार की प्रतिक्रिया अप्रत्याशित रही। सरकारी बैंकों और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टरों में बड़ी गिरावट ने निवेशकों को सचेत रहने का संकेत दिया, जबकि बाजार की यह भारी उठापटक निवेश की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।









