केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। इस वर्ष बोर्ड ने छात्रों और स्कूल प्रशासन के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और नई एडवाइजरी जारी की है। इन निर्देशों में सबसे बड़ा बदलाव 10वीं कक्षा की परीक्षा की आवृत्ति (frequency) को लेकर है, जिसके तहत छात्रों को अपनी तैयारी सुधारने का एक और मौका मिलेगा।
बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए छात्रों को कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, सभी छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे या उससे पहले पहुंचना अनिवार्य है। कक्षा 10वीं के मुख्य विषयों में पहला पेपर गणित का होगा, जबकि 12वीं के छात्रों के लिए शुरुआत बायोटेक्नोलॉजी और शॉर्ट हैंड जैसे विषयों से हुई है।
10वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव:
इस साल से सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षाओं में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। छात्रों को अपनी तैयारी में सुधार करने और बेहतर प्रदर्शन का एक और मौका देने के उद्देश्य से, दूसरी परीक्षा का आयोजन 15 मई से 1 जून के बीच किया जा सकता है। यह कदम छात्रों पर से शैक्षणिक दबाव कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
एडमिट कार्ड और प्रश्न पत्र मिलान जरूरी:
परीक्षा के दौरान विषय आवंटन को लेकर भी बोर्ड ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि छात्रों को केवल वही प्रश्न पत्र दिया जाए जो उनके एडमिट कार्ड में दर्ज है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यदि किसी छात्र का एडमिट कार्ड गणित मानक (Standard) के लिए है, तो उसे गलती से भी गणित बेसिक (Basic) का प्रश्न पत्र न दिया जाए। यह नियम अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत और उर्दू जैसे उन सभी विषयों पर लागू होता है, जहां अलग-अलग पाठ्यक्रम के लिए अलग कोड होते हैं।
नियम न मानने पर कार्रवाई:
सीबीएसई ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र ऐसे विषय की परीक्षा देता है जो उसके एडमिट कार्ड में नहीं है, तो उसे उस विषय में ‘अनुपस्थित’ (Absent) माना जाएगा। ऐसी स्थिति में छात्र की परीक्षा तत्काल रद्द कर दी जाएगी और उसका परिणाम उसी अनुसार तैयार किया जाएगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन स्कूलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे या प्रश्न पत्र आवंटन में लापरवाही बरतेंगे।
ये नए और सख्त नियम परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए लागू किए गए हैं। छात्रों और स्कूल प्रशासन दोनों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए विषय कोड को ध्यान से देखकर ही परीक्षा दें और करवाएं।









