मुख्य बिंदु:
- मलक्का में बना दबाव क्षेत्र तूफान में बदला
- तूफान बुधवार को इंडोनेशिया के तट से टकराएगा
- अंडमान-निकोबार में भारी बारिश की चेतावनी
- बंगाल की खाड़ी से तमिलनाडु-केरल में बारिश की संभावना
- स्कूल-कॉलेज बंद, तटीय क्षेत्रों में सतर्कता आवश्यक
Cyclone Senyar : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार देर रात अहम जानकारी देते हुए बताया कि मलक्का जलडमरूमध्य में बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान ‘सेन्यार’ में बदल चुका है। यह तूफान बुधवार (26 नवंबर 2025) दोपहर तक इंडोनेशिया के तट से टकरा सकता है। पिछले छह घंटों में यह सिस्टम पश्चिम की ओर लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ते हुए तूफान का रूप ले चुका है। इसके चलते न केवल दक्षिण-पूर्व एशिया, बल्कि भारत के तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है।
भारत के पूर्वी तट पर असर की आशंका
मलक्का जलडमरूमध्य, जो अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है, ऐसा क्षेत्र है जहां बनने वाला तूफान सीधे भारत के पूर्वी तटों को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, यह तूफान अगले 24 घंटे अपनी ताकत बनाए रखेगा और इसके बाद पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए लगभग 48 घंटे बाद पूर्व की ओर मुड़ सकता है। बुधवार को तूफान की हवाओं की गति 70-90 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
भारी बारिश और तेज समुद्री हवाओं की चेतावनी
चक्रवाती तूफान का सबसे पहला प्रभाव अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर दिखाई देगा। आईएमडी ने अपने राष्ट्रीय बुलेटिन में चेतावनी दी है कि 26 और 27 नवंबर को इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक बारिश हो सकती है। 28 और 29 नवंबर को बारिश थोड़ी कम होगी, लेकिन समुद्री हवाएं अभी भी तेज रह सकती हैं। इसलिए, अंडमान क्षेत्र के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु और केरल में तेज बारिश की संभावना
मलक्का जलडमरूमध्य के तूफान के अलावा, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भी एक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बन चुका है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटे में अवदाब में बदल सकता है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना के कारण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं। सोमवार से ही तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है, जिससे तूतीकोरिन जिले के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं।
प्रशासन ने दी सतर्कता की चेतावनी
भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे। हालांकि, बुधवार को शिक्षण संस्थान बंद रहने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 26 से 29 नवंबर के बीच तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में कई जिलों में संस्थान फिर से बंद रह सकते हैं, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि स्थानीय प्रशासन करेगा।
केरल में भी मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। आईएमडी का अनुमान है कि बुधवार और गुरुवार को राज्य में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, साथ ही बिजली कड़कने की घटनाएं और समुद्र में ऊंची लहरें भी बन सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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