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चांदी ने मचाया तहलका! मार्केट कैप 4.220 लाख करोड़ डॉलर, NVIDIA के करीब

राष्ट्र प्रेरणा स्थल (2)

दुनिया के कमोडिटी और फाइनेंशियल मार्केट में चांदी ने इन दिनों जबरदस्त हलचल मचा दी है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में चांदी ने टेक दिग्गज कंपनियों एपल इंक और अल्फाबेट को पीछे छोड़ दिया है। अब चांदी की नजर दुनिया के दूसरे सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने पर है और वह NVIDIA Corporation के काफी करीब पहुंच चुकी है। फिलहाल दुनिया का सबसे कीमती एसेट सोना बना हुआ है।

companiesmarketcap.com के मुताबिक, चांदी का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 4.220 लाख करोड़ डॉलर है, जबकि NVIDIA का मार्केट कैप 4.592 लाख करोड़ डॉलर है। यानी दोनों के बीच का अंतर सिर्फ करीब 8.1 प्रतिशत का रह गया है। वहीं, सोना इस रेस में काफी आगे है, जिसका मार्केट कैप 26 दिसंबर 2025 तक 31.598 लाख करोड़ डॉलर दर्ज किया गया।

कीमतों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। कॉमेक्स पर चांदी का स्पॉट प्राइस शुक्रवार को 75 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। भारत में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर मार्च डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट का भाव 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक गया और बाद में 2,40,935 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

अगर बीते एक साल का प्रदर्शन देखा जाए, तो चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। MCX पर चांदी की कीमतों में पिछले एक साल में 153.14 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सोने ने इसी अवधि में करीब 79.75 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। साफ है कि रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है।

चांदी की इस तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं। औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और नई तकनीकों में चांदी की जरूरत बढ़ी है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई में कमी और सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ती खरीदारी ने भी कीमतों को सहारा दिया है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी चांदी को मजबूती दी है। जनवरी 2026 में होने वाली फेड की बैठक से पहले निवेशक बड़े रेट कट की उम्मीद कर रहे हैं।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्लाई की कमी आने वाले समय में और गहरी हो सकती है। चीन द्वारा 1 जनवरी 2026 से चांदी के एक्सपोर्ट पर रोक लगाने की तैयारी भी बाजार की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि चांदी की चमक फिलहाल फीकी पड़ने वाली नहीं है और कीमतों में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।