हांगकांग: चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की ताइवान के पास ब्लॉकेड और सैन्य अभ्यास की ड्रिल मंगलवार को भी जारी रही। चीन ने इस ड्रिल के दूसरे दिन ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया और इसे “जस्टिस मिशन 2025” नाम दिया। इस अभ्यास के दौरान पीएलए ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह ताइवान के लिए किसी भी बाहरी सैन्य हस्तक्षेप को रोकने की क्षमता रखता है।
चीन के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने इस ड्रिल में उत्तर और दक्षिणी जल क्षेत्रों में विध्वंसक, फ्रिगेट, लड़ाकू विमान और बमवर्षक भेजे। इनका मकसद समुद्र और हवा में समन्वय और नाकेबंदी की क्षमता को परखना था। वहीं, ताइवान ने आरोप लगाया कि चीन के कम से कम 90 विमान और कई युद्धपोत उसकी हवाई सीमा में घुस आए, जो उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है।
समुद्र में चीन ने ताइवान स्ट्रेट के उत्तर में लाइव-फायर अभ्यास किया। पीएलए के कमांड प्रवक्ता ली शी ने इसे “वांछित प्रभाव” वाला अभ्यास बताया। इस ड्रिल से ताइवान स्ट्रेट के आसपास तनाव बढ़ गया है, क्योंकि इसका असर सिर्फ सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और हवाई यातायात तक प्रभावित हुआ। ताइवान की सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने सात अस्थायी “खतरनाक क्षेत्र” बनाए, जिससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में बाधा आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की यह ब्लॉकेड ड्रिल भविष्य में ताइवान पर कब्जा करने की तैयारी जैसा संदेश देती है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप को रोकना चाहता है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इसे ताइवान को संदेश देने वाला अभ्यास बताया और कहा कि बीजिंग किसी भी अलगाववादी कदम का कड़ा जवाब देगा।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे के बीच 130 चीनी विमान (लड़ाकू और बमवर्षक सहित), 14 सैन्य जहाज और आठ अन्य आधिकारिक जहाज डिटेक्ट किए गए। ताइवान ने इसका जवाब देते हुए अपने विमान, नौसेना जहाज और तटीय मिसाइल सिस्टम तैनात किए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कम से कम 90 चीनी विमान स्ट्रेट की मध्य रेखा पार कर ताइवान के “वायु रक्षा पहचान क्षेत्र” में प्रवेश किए। साथ ही, एक चीनी गुब्बारा भी देखा गया।
दक्षिण-पूर्वी चीनी प्रांत फुजियान से पीएलए की लंबी दूरी की तोपखाना इकाई ने उत्तर ताइवान में लक्ष्य क्षेत्र की ओर लाइव गोले दागे, जिनका प्रभाव तट से लगभग 44 किलोमीटर दूर तक फैला। ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने कहा कि चीन की ये कार्रवाइयां अत्यधिक उत्तेजक हैं, क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती हैं और समुद्री व हवाई मार्गों के लिए सुरक्षा खतरा पैदा करती हैं।









