उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इतिहास के पन्नों, देश के विभाजन और हालिया राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात पूरी बेबाकी से रखी। सीएम योगी ने कहा कि इतिहास सिर्फ बीती बातें याद करने के लिए नहीं होता, बल्कि यह हमें भविष्य के लिए सबक और सीख भी देता है।
संभल के इतिहास और बंटवारे का दर्द
सीएम योगी ने संभल के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 500 साल पहले वहाँ के हरिहर मंदिर को तोड़कर गुलामी का ढांचा खड़ा कर दिया गया था।
14 अगस्त 1947 को याद करते हुए उन्होंने कहा, “हम बंटे थे, इसीलिए कटे थे।” बंटवारे के वक्त न सिर्फ देश का भूगोल बदला, बल्कि लाखों हिंदू और सिख भाई-बहनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में मासूम हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय की नीतियों को हिंदुओं के हितों से कोई खास सरोकार नहीं था।
संभल हिंसा और प्रशासन की कार्रवाई
संभल में हाल में हुए सर्वे और उसके बाद हुई हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपद्रवियों ने पुलिस और बेकसूर हिंदुओं को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकारों में दंगाइयों पर दर्ज केस वापस ले लिए जाते थे, भले ही संभल में हिंदुओं का उत्पीड़न हुआ हो।
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीमें बनाईं। जांच के दौरान संभल में कई प्राचीन तीर्थ-कूप (कुएं) मिले, जिन्हें प्रशासन ने साफ-सुथरा करवाकर फिर से बहाल किया है।
संभल में अब शांति का माहौल
अपने भाषण के आखिर में सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि आज संभल में किसी भी तरह का तनाव या दंगे जैसी स्थिति नहीं है। वहाँ का माहौल पूरी तरह से शांत है और लोग आपसी सौहार्द के साथ रह रहे हैं।