उत्तर प्रदेश में अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप के बड़े रैकेट के खिलाफ वाराणसी पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। हाल ही में, वाराणसी पुलिस और SIT की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के तीन और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में दो पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित था।
वाराणसी पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने यह गिरफ्तारी यूपी के सिद्धार्थनगर जिले से की है। पकड़े गए तीन आरोपियों की पहचान विकास सिंह नरवे, आकाश पाठक और अंकित श्रीवास्तव के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी काफी समय से वांछित चल रहे थे और मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के बेहद करीबी माने जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास सिंह और आकाश पाठक पर वाराणसी पुलिस की ओर से 50-50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित था। विकास सिंह नरवे को शुभम जायसवाल का सबसे करीबी माना जाता है। पुलिस के अनुसार, विकास ही अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री से होने वाले पैसों के लेन-देन (वित्तीय प्रबंधन) का काम संभालता था।
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के बाद, डीसीपी क्राइम और कोडीन कफ सिरप मामले में गठित SIT के अध्यक्ष टी. सरवनन ने सुबह मीडिया के सामने आरोपियों को पेश करते हुए मामले की विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद, इस पूरे रैकेट का मुख्य अभियुक्त शुभम जायसवाल अब भी पुलिस की पहुँच से दूर है। हालांकि, पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी है। इस मामले में पहले ही वाराणसी पुलिस और सोनभद्र पुलिस ने शुभम और सोनभद्र जेल में बंद उसके पिता भोला जायसवाल की 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों को फ्रीज (कुर्क) करने की कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।









